यदि मनुष्य का भविष्य उसके पूर्वजन्म के कर्म का ही फल है तो आदिमानव से आधुनिक मानव बने मनुष्य के प्रत्येक जन्म में ऐसे कौन से कर्म रहे थे की...
कर्म फल का सिद्धांत - 1
कर्म करना जितना मुश्किल है टोटके करना उससे कहीं अधिक सरल है इसलिए व्यक्ति कर्म की बजाय टोटके से सब करने की उम्मीद लिए ज्योतिषी के द्वार पर ...
बोगस ज्योतिष के बोगस सिद्धान्त - 13
सभी ज्योतिषी और ज्योतिष प्रेमी वैसे तो किसी भी पोस्ट पर आकर "ज्योतिष सही है विज्ञान है ज्योतिषी गलत हो सकता है ज्योतिषी नहीं" आदि...
फलित ज्योतिष एक अवैज्ञानिक अवधारणा - 6
भारत में अनेक प्रकार के अंधविश्वास के साथ ही फलित-ज्योतिष की बढ़ती आवर्ती समाज के लिये अत्यंत चिंताजनक विषय है समाज का बुद्धिजीवी वर्ग इस ब...
फलित ज्योतिष एक अवैज्ञानिक अवधारणा - 5
पिछले लेख में आपने जाना कि फलित ज्योतिष की नींव ही गलत है। इतिहास के अध्ययन से यह ज्ञात होता है की आदिकालीन समय में ब्रह्मांड का सही ज्ञान...
बोगस ज्योतिष के बोगस सिद्धांत - 12
नवमे च यदा सूर्यः स्वगृहस्थो यदा भवेत्। तस्य नो जीवति भ्राता एको § पि च नृपैः सम।। गर्गहोराशास्त्र - 1/24 अर्थ - स्वराशि सूर्य यदि नौवें...
बोगस ज्योतिष के बोगस सिद्धांत - 11
कर्मस्थाने निजक्षेत्री यदि राहुर्भवेदिह। भौमशुक्रबुधैयुर्क्त: क्षणे वृद्धि: क्षणे क्षय:।। गर्गहोराशास्त्र 1/25 अर्थ - दसवें भाव मे राह...
बोगस ज्योतिष के बोगस सिद्धांत - 10
ज्योतिषीयों की हमेशा यह मांग रहती है कि किसी व्यक्ति की कुंडली लेकर आओ जिसमे फालाणा सिद्धान्त हो और उसके जीवन मे उस सिद्धान्त के विपरी...
बोगस ज्योतिष के बोगस सिद्धांत - 9
फलित ज्योतिष में अनेक ऐसे सिद्धांत है जो अब प्रासंगिक नहीं है अर्थात उनके अंर्तगत लिखी गई बातों का फलित होना नामुमकिन है। ऐसे ही कुछ स...
त्रिखोटी लाल के टोटके
ज्योतिषी त्रिखोटी लाल अपने क्षेत्र के जाने माने ज्योतिषी थे। एक दिन किसी कार्य से लौटते हुए रास्ते मे उनके किसी यजमान का घर पङता था और त्...
